Saturday, March 6, 2021

सच्चे मित्र ( हिरण , कबूतर और चूहा )

सच्चे मित्र ( हिरण , कबूतर और चूहा ) 

एक जंगल में एक कबूतर , चूहा और एक हिरण तीनों घनिष्ठ मित्र रहा करते थे। 

जंगल में बने सरोवर में पानी पीते फल खाते और वही सरोवर के आसपास घुमा फिरा करते थे।

एक समय की बात है। उसी जंगल में एक शिकारी , शिकार करने आया उसने हिरण को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

काफी प्रयत्न और मेहनत से शिकारी ने जाल को छिपाकर लगाने सफलता पा ली। शिकारी के जाल में  हिरण आसानी से फंस गया। इस पर कबूतर ने कहा घबराओ मत मित्र मैं देखता हूं शिकारी कहां है और कितनी दूर है मैं। मैं उसको रोकता हूं जब तक हमारा मित्र चूहा तुम्हारे जाल को कुतर देगा और तुम जल्दी से निकल जाओगे।

यही हुआ कबूतर ने शिकारी को ढूंढना शुरू किया।

Panchtantra

वह दूर था कबूतर ने अपने प्राण को जोखिम में डालकर शिकारी के ऊपर वार करना शुरू कर दिया। कबूतर के प्रहार से  शिकारी को कुछ समझ में नहीं आया और वह परेशान होकर बचने लगा मगर कबूतर शिकारी को ज्यादा देर तक रोक नहीं पाया।

शिकारी ने जल्दी ही कबूतर पर काबू पा लिया और वह जाल की ओर आया।

यहां चूहे  ने जाल को लगभग काट दिया था अब हिरण आजाद होने वाला था , तभी शिकारी वहां पहुंचा इतने में कबूतर का एक झुंड वह जल्दी से आकर उस शिकारी के ऊपर ताबड़तोड़ आक्रमण कर दिया।

इस अचानक हुए आक्रमण से शिकारी घबरा गया।

थोड़ा सा समय उन कबूतर पर काबू पाने में लगा। इतने में चूहे ने निडर भाव से जाल को कुतर दिया जिससे हिरण आजाद हो गया। 

अब क्या था हिरण और चूहा अपने अपने रास्ते भाग चले। 

कुछ दूर भागे होंगे उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो उनका मित्र कबूतर शिकारी के चंगुल में आ गया था।

हिरण ने सोचा उसने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जान खतरे में डाल दी।

इस पर हिरण धीरे – धीरे लंगड़ाकर चलने लगा शिकारी को ऐसा लगा कि हिरण घायल है, उसके पैर में चोट लगी है इसलिए वह धीरे धीरे चल रहा है , वह भाग नहीं सकता।

शिकारी ने झट से कबूतर को छोड़ दिया और हिरण की तरफ दौड़ा।

शिकारी को आता देख, कबूतर उड़ कर आकाश में चल पड़ा हिरण, जो अभी नकल कर रहा था वह भी तेज दौड़ कर भाग गया और चूहा दौड़ कर बिल में घुस गया।

इस प्रकार तीनों दोस्तों की सूझबूझ ने एक दूसरे की रक्षा की।

नैतिक शिक्षा (Moral of the Story)–

आपसी सूझबुझ और समझदारी हो तो किसी भी मुसीबत का सामना किया जा सकता है।

Friday, January 29, 2021

ऑस्ट्रेलिया से लौटा था ट्रैक्टर हादसे में जान गंवाने वाला नवरीत, रामपुर में रहता है परिवार

 ऑस्ट्रेलिया से लौटा था ट्रैक्टर हादसे में जान गंवाने वाला नवरीत, रामपुर में रहता है परिवार


भारत जब गणतंत्र दिवस के रंग में डूबा था तब दिल्ली में उपद्रवियों द्वारा उत्पात मचाया जा रहा था। गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आंदोलन को समर्थन देने गए। नवरीत ने तो यह कभी सोचा भी नहीं होगा कि 26 जनवरी 2021 उसके जीवन का आखिरी दिन होगा। गौरतलब है वह इसके पहले भी दो बार आंदोलन में शामिल होने दिल्‍ली जा चुका था। नवरीत कहता था की, यह कोई आम आंदोलन नहीं है। तीनों किसान बिल किसानों हित में नहीं हैं। इन्‍हें रद्द कर देना चाहिए।


नवरीत को क्या पता था कि, ट्रैक्‍टर परेड में भाग लेना उसके जीवन का आखिरी दिन हो जाएगा। ट्रैक्‍टर पलटने से उसकी मौत हो गई। परिवार का वह इकलौता बेटा था। आपको बता दें कि, उसकी एक बहन मन्नत दीप कौर है। हादसे की खबर के बाद परिवार में कोहराम मचा है। और परिवार सदमें में है।

रुद्रपुर से सटे रामपुर, बिलासपुर के डिबडिबा गांव निवासी 26 साल का नवरीत पुत्र साहब सिंह आस्‍ट्रेलिया में रहता था। वह स्‍टडी बीजा पर आस्‍ट्रेलिया गया था। दो साल पहले वहां उसने मनशीत कौर से शादी कर ली। रिसेप्‍शन देने के लिए अपने घर आया था।


लेकिन वहां स्‍टडी बीजा के नाम पर जॉब करने की शिकायत के कारण उस पर आस्‍ट्रेलिया में तीन साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया। दो साल गुजर गए थे। वह वीजा के लिए दोबारा से प्रयास कर रहा था। प्रतिबंध की अवधि एक साल में खत्‍म होने वाली थी और फिर वह वापस चला जाता। लेकिन होनी को तो कुछ और मंजूर था।

आपको बता दें कि, किसान आंदोलन को लेकर नवरीत गंभीर था। वह दो बार पहले भी किसानों को समर्थन देने के लिए दिल्‍ली जा चुका था। तीनों कानूनों को किसान विरोधी बताता था और कहता था कि इसे सरकार को हर हाल में वापस लेना चाहिए।

ऑस्‍ट्रेलिया में नवरीत के आने का इंतजार करती रही पत्‍नी

दरअसल नवरीत और मनशीत दोनों आस्‍ट्रेलिया में स्‍टडी बीजा पर थे। वहीं दोनों ने शादी कर ली। शादी होने के तत्‍काल बाद ही नवरीत रिश्‍तेदारों और दोस्‍तों को रिसेप्‍शन देने के लिए घर आ गया था। पत्‍नी मनशीत कौर किसी कारण से घर नहीं आ सकी थी।

और इसी दौरान स्‍टडी बीजा पर जॉब करने की शिकायत के कारण उस पर तीन साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया। दो साल बीत चुके थे। नवरीत ने दोबारा बीजा के लिए कोशिश शुरू कर दी थी। वह आस्‍ट्रेलि‍या वापस लौटने की तैयारी कर रहा था।

नवरीत की मौत का ज़िम्मेदार क्यों ना उन तथाकथित किसान नेताओं को ठहराया जाए जो बेचारे किसानों को उकसा अराजकता फ़ैला रहे हैं।

Thursday, January 28, 2021

दिल्ली हिंसा के आरोपी दीप सिद्धू ने दी किसान नेताओं को धमकी, कहा- अगर मैंने बोलना शुरू किया तो किसी को नहीं मिलेगा भागने का रास्ता

 दिल्ली हिंसा के आरोपी दीप सिद्धू ने दी किसान नेताओं को धमकी, कहा- अगर मैंने बोलना शुरू किया तो किसी को नहीं मिलेगा भागने का रास्ता


26 जनवरी को दिल्ली में लाल किले पर हिंसा का आरोपी ठहराए जा रहे पंजाब के कलाकार दीप सिद्धू ने अब इस मामले में एक बड़ा बयान दिया है. दरअसल दीप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव होकर किसान नेताओं पर जमकर हमला बोला है. गद्दार का आरोप लागए जाने से नाराज़ सिद्धू ने किसान नेताओं को खुली चेतावनी दी है. सिद्धू ने कहा कि, अगर उन्होंने अंदर की बातें खोलनी शुरू कर दी तो इन नेताओं को भागने की राह नहीं मिलेगी. इस बात को डायलॉग न समझें. ये बात याद रखना. मेरे पास हर बात की दलील है. मानसिकता बदलो। 


दीप सिद्धू ने इसके लिए फेसबुक पर एक वीडियो जारी किया और कहा कि, मुझ पर कई आरोप लगाए जा रहे हैं. इसलिए मैं सबके सामने कुछ बातें साफ करना चाहता हूं. दीप ने कहा कि, दिल्ली में युवाओं को दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च की बात कहकर बुलाया गया था. बाद में किसान नेताओं ने दिल्ली में तय रूट पर परेड की बात कह दी.युवाओं ने इस पर रोष जाहिर किया तो किसान नेता वहां से किनारा कर गए.


सिद्धू ने किसान नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान नेताओं ने इस मामले में स्टैंड नहीं लिया. उन्होंने बार बार लाल किले पर झंडा लगाने की बात का बचाव किया. बाइक पर भागने की वीडियो वायरल होने पर सिद्धू ने कहा कि जिसकी पुष्टि नहीं है, उसे सच माना जा रहा है.


इसके साथ ही हिंसा करने की बात पर सिद्धू ने कहा कि,कौन सी हिंसा की गई.हिंसा कहा हुई है. हमने लाल किले में किसी प्रापर्टी को नुकसान नहीं पहुंचाया. साथ ही दिल्ली पुलिस पर बात करते हुए सिद्धू ने कहा कि पुलिस ने हमें कहा कि जो करना है, शांतिपूर्वक करो और यहां से जाओ.वहीं उन्होंने बीजेपी और आरएसएस से अपने रिश्तों को नकार दिया है. उन्होंने कहा कि मेरा किसी भी पार्टी से कोई रिश्ता नहीं है.

मैं उसके साथ वो नहीं करना चाहती, जो उसने मेरे साथ किया’ शादी के 2 महीने बाद सना ख़ान ने क्यों लिखा ये पोस्ट?

 मैं उसके साथ वो नहीं करना चाहती, जो उसने मेरे साथ किया’ शादी के 2 महीने बाद सना ख़ान ने क्यों लिखा ये पोस्ट?

बॉलीवुड इंडस्ट्री छोड़ चुकीं एक्ट्रेस सना ख़ान लंबे वक्त से चर्चा में हैं। सना ने इंडस्ट्री छोड़ने के बाद पिछले साल नवंबर में मुफ्ती अनस सईद से शाद कर ली थी। सना पूरी तरीके से एक्टिंग की दुनिया से दूरी बना चुकी हैं और अपनी शादीशुदा ज़िदगी में बहुत खुश हैं।
लेकिन इन सारी ख़ुशियों के बीच कुछ है जो सना लगातार परेशान कर रहा है। सना ने अपने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि इस वक्त उनका दिल बुरी तरह टूट चुका है। सना ने अपने पोस्ट में बताया है कि कुछ लोग उन्हें लेकर ऐसे नेगेटिव वीडियोज़ बना रहे हैं जिनसे उन्हें परेशानी हो रही है।

सना ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘कुछ लोग लंबे समय से मुझे लेकर नेगेटिव वीडियो बना रहे हैं, और इन सब चीज़ों को देखकर मैंने बहुत सब्र से काम लिया। लेकिन हाल ही में किसी ने मेरे अतीत से जुड़ा एक वीडियो बनाया और उसमें कई सारी बकवास बातें कहीं। क्या आपको नहीं पता ये पाप है कि इंसान को उस बारे में फिर एहसास कराना जिसपर वो पहले है तौबा मांग चुका है। मेरा दिल इस वक्त बहुत टूट चुका है’।

इस पोस्ट के साथ सना ने कैप्शन में लिखा, ‘मैं उस शख्स का नाम नहीं लेना चाहती क्योंकि मैं उसके साथ वो नहीं करना चाहती जो उसने मेरे साथ किया था, लेकिन ये बहुत खराब है। अगर किसी का समर्थन नहीं कर सकते तो शांत रहें। इस तरह की कठोर कमेंट कर के किसी को भी डिप्रेशन में मत भेजो।

जिससे व्यक्ति अपने अतीत के बारे में फिर से दोषी महसूस करे। कुछ लोग ज़िदगी में आगे बढ़ जाते हैं, पर कुछ मेरे जैसे होते हैं जो सोचते हैं कि काश मैं उस वक्त में वापस जा पाते और चीज़ों को बदल पाते। कृप्या थोड़े अच्छे इंसान बनें और मेरे साथ लोगों को बदलने दें’।


Friday, January 22, 2021

धोनी से तुलना पर बोले ऋषभ पंत, ‘अच्छा लगता है लेकिन …’

 

धोनी से तुलना पर बोले ऋषभ पंत, ‘अच्छा लगता है लेकिन …’


ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के जरिए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाने वाली भारतीय टीम स्वदेश लौट चुकी है। भारत लौटकर भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने महेंद्र सिंह धोनी से तुलना किए जाने को लेकर खुशी जाहिर की है। लेकिन इसके अलावा उन्होंने कहा कि वोऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में अहम भूमिका निभाने के बाद खेल में अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। दरअसल कई मौकों पर ऋषभ पंत की तुलना पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से की जाती रही है। दरअसल पंत ने ब्रिस्बेन में चौथे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में नाबाद 89 रनों की विनिंग पारी खेली थी। इस मामले में पंत ने दिल्ली लौटकर कहा कि जब आपकी तुलना धोनी जैसे खिलाड़ी से की जाती है तो बेहद अच्छा लगता है और आप मेरी तुलना उनसे करते हैं।

वहीं इसके अलावा पंत ने कहा कि ये शानदार हैलेकिन मैं नहीं चाहता कि मेरी किसी से तुलना हो। मैं इंडियन क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाना चाहता हूं । क्योंकि किसी युवा खिलाड़ी की किसी दिग्गज से तुलना करना सही चीज नहीं है।

पूरी सीरीज के दौरान ही पंत ने अहम योगदान दिया है। बल्ले और विकेट के पीछे दोनों जगह पंत ने ना सिर्फ अपनी उपयोगिता साबित की है बल्कि जरूरत के वक्त उनके बल्ले ने रन भी उगले/

दरअसल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए भारतीय क्रिकेट टीम के ज्यादातर मेंबर्स आझ स्वदेश पहुंच गए हैं। रहाणेमुख्य कोच रवि शास्त्रीरोहित शर्माशार्दुल ठाकुर और पृथ्वी शॉ मुंबईजबकि ब्रिस्बेन टेस्ट के नायक ऋषभ पंत आज सुबह दिल्ली पहुंचे हैं।

वहीं इस दौरान रहाणेशास्त्रीरोहितशार्दुल और शॉ का मुंबई पहुंचने पर स्वागत किया गया। मुंबई क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए केक भी काटा।

जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद व्हाइट हाउस ने भारत को लेकर दिया ये बड़ा बयान

 

जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद व्हाइट हाउस ने भारत को लेकर दिया ये बड़ा बयान


अमेरिका में जो बाइडन नए राष्ट्रपति बन गए हैं. और कमला हैरिस उपराष्ट्रपति के तौर पर चुनी गई है. बता दें कि दोनों ने अपना कार्यभार संभाला लिया है. जिसके बाद व्हाइट हाउस ने भारत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है.

व्हाइट हाउस ने कहा है कि बाइडन और कमला हैरिस के जरिए अब भारत-अमेरिका के बीच संबंध और भी मजबूत होंगे. प्रेस सचिव जेन साकी ने बताया कि राष्ट्रपति बाइडन दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे द्विदलीय सफल संबंधों का सम्मान करते हैं. बाइडन ने बुधवार को अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली.

साकी ने आगे कहा कि‘‘हमारे राष्ट्रपति बाइडन कई बार भारत जा चुके हैं. और वो भारत और अमेरिका में नेताओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे सफल द्विदलीय संबंध का सम्मान करते हैंउसका महत्व समझते हैं. बाइडन प्रशासन इसे आगे बढ़ाने की दिशा में आशान्वित है.’’

साथ ही उन्होंने कमला हैरिस को लेकर कहा कि एक भारतीय मूल की उपराष्ट्रपति अमेरिका में बनाएं जाने से दोनों देशों के बीच दोस्ती और भी गहरी होगी. उन्होंने बताया बाइडन ने ही हैरिस क चुनाव किया है और वो पहली भारतवंशी हैं जो अमेरिका की उपराष्ट्रपति बनी हैं. निश्चित रूप से यह इस देश में हम सभी के लिए न सिर्फ एक ऐतिहासिक लम्हा है बल्कि इससे हमारे रिश्ते भी और प्रगाढ़ होंगे.

 

उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण का टीकाकरण अभियान, सीएम योगी ने किया औचक निरीक्षण

 

उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण का टीकाकरण अभियान, सीएम योगी ने किया औचक निरीक्षण


उत्तर प्रदेश में आज 1500 केंद्रों पर दूसरे चरण का वैक्सीनेशन चल रहा है। वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में टीकाकरण अभियान की व्यवस्था का जायजा लिया। सीएम योगी लखनऊ के राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे और वैक्सीनेशन की व्यवस्था को परखा। इस दौरान सीएम योगी ने वैक्सीनेशन के लिए आए लाभार्थियों से भी बातचीत की और व्यवस्था का फीडबैक भी लिया। इस दौरान सीएम योगी ने वैक्सीनेशन प्रक्रिया के अलग अलग हिस्से का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएम योगी के साथ स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह समेत कई मंत्री भी मौजूद रहे।

दरअसल उत्तर प्रदेश में 1500 केंद्रों पर कोविड वैक्सीनेशन का दूसरा चरण चल रहा है। प्रदेश में दूसरे चरण में वैक्सीनेशन अभियान के तहत प्रदेश के कई सेंटर्स पर टीकाकरण चल रहा है। सरकार की ओर से कुल 1477 टीकाकरण बूथ के जरिये लगभग लाख 50 हजार स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दरअसल इससे पहले टीकाकरण का पहला चरण 16 जनवरी को शुरू हुआ था। वहीं दूसरे चरण के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अगले हफ्ते 28 और 29 जनवरी को तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण होगा। इस तरह तीन दिन में 4450 सत्रों के जरिये कुल लाख 50 हजार स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण किया जाएगा।