Friday, January 29, 2021

ऑस्ट्रेलिया से लौटा था ट्रैक्टर हादसे में जान गंवाने वाला नवरीत, रामपुर में रहता है परिवार

 ऑस्ट्रेलिया से लौटा था ट्रैक्टर हादसे में जान गंवाने वाला नवरीत, रामपुर में रहता है परिवार


भारत जब गणतंत्र दिवस के रंग में डूबा था तब दिल्ली में उपद्रवियों द्वारा उत्पात मचाया जा रहा था। गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आंदोलन को समर्थन देने गए। नवरीत ने तो यह कभी सोचा भी नहीं होगा कि 26 जनवरी 2021 उसके जीवन का आखिरी दिन होगा। गौरतलब है वह इसके पहले भी दो बार आंदोलन में शामिल होने दिल्‍ली जा चुका था। नवरीत कहता था की, यह कोई आम आंदोलन नहीं है। तीनों किसान बिल किसानों हित में नहीं हैं। इन्‍हें रद्द कर देना चाहिए।


नवरीत को क्या पता था कि, ट्रैक्‍टर परेड में भाग लेना उसके जीवन का आखिरी दिन हो जाएगा। ट्रैक्‍टर पलटने से उसकी मौत हो गई। परिवार का वह इकलौता बेटा था। आपको बता दें कि, उसकी एक बहन मन्नत दीप कौर है। हादसे की खबर के बाद परिवार में कोहराम मचा है। और परिवार सदमें में है।

रुद्रपुर से सटे रामपुर, बिलासपुर के डिबडिबा गांव निवासी 26 साल का नवरीत पुत्र साहब सिंह आस्‍ट्रेलिया में रहता था। वह स्‍टडी बीजा पर आस्‍ट्रेलिया गया था। दो साल पहले वहां उसने मनशीत कौर से शादी कर ली। रिसेप्‍शन देने के लिए अपने घर आया था।


लेकिन वहां स्‍टडी बीजा के नाम पर जॉब करने की शिकायत के कारण उस पर आस्‍ट्रेलिया में तीन साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया। दो साल गुजर गए थे। वह वीजा के लिए दोबारा से प्रयास कर रहा था। प्रतिबंध की अवधि एक साल में खत्‍म होने वाली थी और फिर वह वापस चला जाता। लेकिन होनी को तो कुछ और मंजूर था।

आपको बता दें कि, किसान आंदोलन को लेकर नवरीत गंभीर था। वह दो बार पहले भी किसानों को समर्थन देने के लिए दिल्‍ली जा चुका था। तीनों कानूनों को किसान विरोधी बताता था और कहता था कि इसे सरकार को हर हाल में वापस लेना चाहिए।

ऑस्‍ट्रेलिया में नवरीत के आने का इंतजार करती रही पत्‍नी

दरअसल नवरीत और मनशीत दोनों आस्‍ट्रेलिया में स्‍टडी बीजा पर थे। वहीं दोनों ने शादी कर ली। शादी होने के तत्‍काल बाद ही नवरीत रिश्‍तेदारों और दोस्‍तों को रिसेप्‍शन देने के लिए घर आ गया था। पत्‍नी मनशीत कौर किसी कारण से घर नहीं आ सकी थी।

और इसी दौरान स्‍टडी बीजा पर जॉब करने की शिकायत के कारण उस पर तीन साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया। दो साल बीत चुके थे। नवरीत ने दोबारा बीजा के लिए कोशिश शुरू कर दी थी। वह आस्‍ट्रेलि‍या वापस लौटने की तैयारी कर रहा था।

नवरीत की मौत का ज़िम्मेदार क्यों ना उन तथाकथित किसान नेताओं को ठहराया जाए जो बेचारे किसानों को उकसा अराजकता फ़ैला रहे हैं।

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